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Poet Shashi’s New Poem MANAV KRODH Published by Amco Music

Poet Shashi’s  New Poem MANAV KRODH  Published by Amco Music

Jul 14, 2021

कवयित्री:  शशि

मानव क्रोध

आता है जब क्रोध, लाल चेहरे को कर देता है,

नेत्र आग बरसाते हैं, बुद्धि को हर लेता है,

समय, धर्म, धन का विनाश कर, पाप वृद्धि करता है,

क्रोध महाराक्षस, मानव की समूल शान्ति हरता है।

 

रक्त विकृत हो जाता है, खाया पानी बन जाता है,

आते रोग अनेक, क्षीण मन दुख से भर जाता है,

न कहने योग्य शब्द, मुख से झरने लगते हैं,

अगले के मानस, पीड़ाओं से भरने लगते हैं।

 

क्रोध बढ़ाता बैर, स्वजन को कर देता परजन है,

भय का वातावरण, बनाकर पीड़ित करता मन है,

छोटी छोटी बातों में भी, क्रोध नहीं अच्छा है,

करके क्रोध जीत नहीं सकते, जो छोटा बच्चा है।

 

क्रोध पशुत्व स्वभाव,  विवशता की दुर्लभ बेड़ी है,

जिसने सम्यक समझ लिया, उसने इसको तोड़ी है।

एमको म्यूजिक व अरुण शक्ति के सौजन्य से

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Poetess Shashi’s New Poem Released By Amco Music

Poetess Shashi’s  New Poem Released By Amco Music

Jul 6, 2021

कवयित्री:  शशि   ” इतिहास ”

इतिहास की परीक्षा थी, उस दिन चिन्ता से हृदय धड़कता था,

जब उठा भोर में घबराकर, तब से बायां नैन फड़कता था,

जितने उत्तर कंठस्थ किये, उनमें से आधे याद हुए,

वे भी स्कूल पहुंचने तक, स्मृतियों से आजाद हुए,

जो सीट दिखाई दी ख़ाली, उस पर डटकर के जा बैठा,

तभी निरीक्षक मुझे देखकर, अपना आपा खो बैठा,

 

अरे मूर्ख है ध्यान किधर, क्या बिगड़ गई थी बुद्धि तेरी,

क्यों करके आया है देरी, उठ जा यह कुर्सी है मेरी,

जब प्रश्नपत्र आया सन्मुख, मैं भूल गया उत्तर सारा,

बस बरगद रूपी कॉपी पर, कलम कुल्हाड़ी  दे मारा

बाबर का बेटा था  हुमायूं, जो भारत वायुयान से आया था

उसने ही पहला रॉकेट, अंतरिक्ष में भिंजवाया था।

 

अब प्रश्न पढ़ा था कौन चेतक, मैं लिख बैठा बजाज चेतक,

जो सदा ब्लैक में  बिकता है, पच्चीस वर्ष तक टिकता है,

गौतम गांधी के चेले थे, दोनों ही संग संग खेले थे,

आज़ादी के संग्राम समय, दोनों ने पापड़ बेले थे।

पढ़कर मेरा इतिहास नया, परीक्षक का मांथा चकरा गया

देकर माइनस जीरो नम्बर, उसने जोड़ा इतिहास नया।

एमको म्यूजिक व अरुण शक्ति के सौजन्य से

Manoj Kumar Rai wrote a useful book PAHALWAN SAHEB on freedom fighter Bhagwat Rai Released by CM Uddhav Thackeray And Appreciated By Amitabh Bachchan-Virat Kohli -Ranbir Kapoor-Shilpa Shetty-Kailash Kher

Manoj Kumar Rai wrote a useful book PAHALWAN SAHEB on freedom fighter Bhagwat Rai Released by CM Uddhav Thackeray And  Appreciated By Amitabh Bachchan-Virat Kohli -Ranbir Kapoor-Shilpa Shetty-Kailash Kher

Jun 9, 2021

स्वतंत्रता सेनानी भागवत राय पर मनोज कुमार राय ने लिखी उपयोगी पुस्तक “पहलवान साहेब”  मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा विमोचन, अमिताभ बच्चन, विराट कोहली, रणबीर कपूर, शिल्पा शेट्टी, कैलाश खेर द्वारा मिली सराहना

पहलवान भागवत राय पर बायोपिक फ़िल्म ऋचा मोशन पिक्चर्स के बैनर तले बनाई जाएगी

देश के महान स्वतंत्रता सेनानी भागवत राय विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। उन्होनें युवावस्था में ही कई रिकॉर्ड बना कर अपनी हैरतअंगेज और चमत्कारिक ताकत का परिचय दिया।भागवत राय जी ने आज़ादी से पहले देश में सर्कस कम्पनी खोलकर अंग्रेज़ों से लोहा लिया था। अब मनोज कुमार राय ने अपने दादा भागवत राय पर एक पुस्तक “पहलवान साहेब” लिखी है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपने निवास पर इस पुस्तक “पहलवान साहेब” का विमोचन किया। यह पुस्तक क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (आरपीओ) मनोज कुमार राय द्वारा लिखी गई है। अमिताभ बच्चन और शिल्पा शेट्टी के सन्देश भी पुस्तक में प्रकाशित किए गए हैं।मनोज कुमार राय की यह पहली किताब है जिसमे 15 अध्याय हैं। इस पुस्तक में भागवत राय की विलक्षण प्रतिभा से पाठकों को अवगत कराया गया है। प्रभाकर प्रकाशन द्वारा प्रकाशित यह किताब अमेज़ॉन सहित कई ऑनलाइन प्लेटफार्म पर भी उपलब्ध है।

गौरतलब है कि भागवत राय देश की महान विभूतियों में से एक रहे हैं। वह स्वतंत्रता पूर्व भारत के सबसे ताकतवर व्यक्ति थे। 1925 में उन्होंने अपनी सर्कस कम्पनी शुरू की थी। तेज भागती गाड़ी रोकना और हाथी को अपने सीने पर खड़े करना जैसे कई आश्चर्यजनक कारनामे उन्होंने किए।

मनोज कुमार राय ने यह किताब विराट कोहली, एक्टर रणबीर कपूर, लेखक चेतन भगत, गायक कैलाश खेर सहित कई फिल्मी सितारों और खिलाड़ियों को भेंट की, और सभी ने उन्हें इस महत्वपूर्ण पुस्तक को लिखने के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दीं।

अमिताभ बच्चन का कहना है कि भागवत राय एक पहलवान होने के नाते न सिर्फ शरीर के बल बल्कि मानसिक दृढ़ता के भी प्रतीक थे। उन्होंने अपनी अलग सोच, लग्न और त्याग की भावना से देश को आज़ाद देश बनाने में अहम योगदान दिया।

वहीं शिल्पा शेट्टी कुन्द्रा ने कहा कि भारत के शूरवीर स्वतंत्रता सेनानियों में से एक भागवत राय जी के बारे में हर भारतीय को पढ़ना चाहिए। मनोज कुमार राय ने अपनी इस किताब में भागवत राय की चुनौतियों, संघर्षों और उपलब्धियों का विस्तार से वर्णन किया है। उनके जीवन के हर पड़ाव को और उनकी जिंदगी की हर छोटी बड़ी बात को लेखक ने बखूबी पेश किया है।”

भाजपा के कद्दावर नेता तथा पूर्व रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा जो अब जम्मू और कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर हैं, इन्होंने भी लेखक मनोज कुमार राय को पत्र भेजकर लिखा है कि आपने मुझे अपनी किताब पहलवान साहेब मुझे भेजी है शुक्रिया। भागवत राय की 121 वीं जयंती पर यह किताब दरअसल उस महान शख्सियत को असली ट्रिब्यूट है।”

आपको बता दें कि इस पुस्तक पर बेस्ड पहलवान भागवत राय पर ऋचा मोशन पिक्चर्स के बैनर तले एक फ़ीचर फ़िल्म भी बनाई जाएगी जिसकी निर्मात्री संगीता राय हैं।

लेखक मनोज कुमार राय का कहना हैं कि अदम्य साहस के प्रतीक, युवा क्रांतिकारियों के प्रेरणास्रोत और महान स्वतंत्रता सेनानी भागवत राय जी का जन्म बलिया, उत्तरप्रदेश में हुआ था। भागवत राय जी विलक्षण प्रतिभा के धनी थे। इस पुस्तक में उनकी इन्हीं विलक्षण प्रतिभा से पाठक को अवगत कराया गया है।  उनकी 121वीं जयंती पर अपनी श्रद्धांजलि के रूप में दुनिया के सामने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को नये रूप और नये कलेवर में समाज के सामने प्रस्तुत करने का प्रयास कर रहा हूँ।”

   

वाकई यह किताब हर देशवासी को पढ़नी चाहिए और अपने देश की ऐसी महान विभूति के जीवन, संघर्ष और त्याग के बारे में जानना चाहिए।

कुश्ती कला के जादगूर पहलवान भागवत राय को ढेर सारे पुरुस्कारों और सम्मान से भी नवाजा जा चुका है। भागवत राय (1899-1944) ब्रिटिश साम्राज्य के पहले भारतीय पहलवान थे जो अपने सीने पर हाथी चढ़वाते थे। वो महान स्वंत्रता सेनानी मंगल पांडेय से बेहद प्रेरित थे। भागवत को अपने देश की मिटटी से गहरा लगाव था, जिसकी वजह थी कि महान स्वंत्रता सेनानी मंगल पांडेय भी इसी मिटटी के सपूत थे।

यह पुस्तक वास्तव में जानकारी और प्रेरणा का स्रोत है जिसके लिए लेखक मनोज कुमार राय बधाई के पात्र हैं।

Raja Sarfaraz An Indian Writer And Actor Of Rare Calibre

Raja Sarfaraz An Indian Writer And Actor Of Rare Calibre

Jan 18, 2021

Raja Sarfaraz Is an Indian Writer and Actor Hails Basically From Jammu and Kashmir District Doda Bhalessa.Raja Sarfaraz is a Columnist also who currently is A PHD Scholar in English literature as well. During Junior Engineering inspired he did Theater and so Made Acting his Carrier. His First Book Tears Of  Kashmir is a quest to Bring Peace and Brotherhood Back In Kashmir is Voice of Silent Mountains and Nature of Kashmir.

*Raja Sarfaraz is Well known For 92 Hours Webseries Negative Lead,

*Ye Meri Kahani Ha Damini ( Hindi Film Nased on Rape Case released in 2013)

* His Upcoming Movie is DUST,

* Upcoming Webseries are Lahore Dairies,  Mission 70, Cynanide Mohan, Scammy.

He has worked in Few Music Videos in Hindi ,Punjabi, Kashmiri, Arabic.

Following are links of ,Articles ,videos, Etc.

               

Webpage:

rajasarfaraz.com

Twitter 

mobile.twitter.com › rajasarfaraz786

Raja Sarfaraz Official (@RajaSarfaraz786) | Twitter

YouTube 

https://www.youtube.com/channel/UCQesdf2suc-5uIkq8JOoyVA

Book Tears of Kashmir 

https://www.flipkart.com/tears-of-kashmir/p/itmfa4uzsmevsxav

Union Minister S Jaishankar Launches Veteran Journalist Prem Prakash’s Book Reporting India – My Seventy Year Journey As A Journalist At Kitaab Event

Union Minister S Jaishankar  Launches Veteran Journalist Prem Prakash’s Book Reporting India – My Seventy Year Journey As A Journalist  At Kitaab Event

Dec 23, 2020

21 December 2020, Kolkata/New Delhi: Subrahmanyam Jaishankar, Minister of External Affairs, Government of India, launched veteran journalist and media entrepreneur Prem Prakash’s book “Reporting India: My Seventy-Year Journey as a Journalist” at Kitaab online book launch event organized by Prabha Khaitan Foundation of Kolkata in association with Penguin India. Eminent litterateurs, scholars, book lovers, students and journalists from across the country joined the virtual event for an engaging hour-long session with the author Prem Prakash; panelists Sheela Bhatt and Sushant Sareen and Ms Aakriti Periwal of PKF introducing the session and Venkat Narayan made the concluding remarks.

Reflecting on seven decades of journalistic work by Prem Prakash, Minister of External Affairs, Subrahmanyam Jaishankar, said, “Prem Prakash’s book in reality is a celebration of his life. He has been there and done that and shaped our recollection of events and the image of India. He has always been at his detached best. Prem, a great recorder of events and history, has always been at the right place at the right time. His book is an engrossing flow which the young generation of today, less conversant of that past era, must read. India has gained enormously from his work.”

“The Chini Hindi bhai bhai slogan was nonsense. India’s views towards the Chinese in the past can be described as a kind of romanticism. We gave up everything on Tibet while the Chinese asserted its sovereignty and went on to capture Tibet,” said Prem Prakash who set up Indian news agency Asian News Network (ANI) in 1971 to provide syndicated multi-media newsfeed to Indian and foreign media houses. ANI was also the first news agency to syndicate video news.

The author, who, as a journalist, had first hand witnessed the pitiable condition of ill-equipped Indian Army mauled by the Chinese during the 1962 China-India border war, says in his recent book that Nehru felt personally responsible for the debacle as he had ignored the modernisation of India’s armed forces at the outset of his term in office. Nehru, who believed that war could never be a tool for furthering diplomatic ends, found his peacenik worldview torn asunder by an aggressive China. He did try to make amends to revive and re-equip the Indian armed forces during the 20 months he lived after the India-China war.

Reminiscing on what Afghanistan used to be and its future, Prem Prakash said, “Afghanistan is a tragic case. In many respects Afghanistan used to be ahead of India before it became a victim of the Cold War. The bogey of “Islam in danger” was used to create Islamic fundamentalism in Afghanistan. India is a big country and Afghanistan needs our help and we must make sure we do help them. We must ask – Why Chabahar port is taking so long to become functional? It is in India’s interest to bring Afghanistan back to what it used to be in the happy days. The Taliban took them back to the stone age.”

On the quality of today’s journalism Mr Prakash said, “There are many huge organizations now. For heaven’s sake tell your reporters to go to the field and report. Another fact is that the reporters are opinionated which isn’t good. Young journalists should read a lot, go to the locations and report facts.”

Prem Prakash is among the few journalists who interviewed all the prime ministers of India in his illustrious career spanning over seven decades. He had reported the Bangladesh Liberation War of 1971 from inside Bangladesh risking his life. He has been at the frontline reporting some of the historic events like liberation of Goa, India-China border war, Indo-Pak wars, Bhopal gas tragedy, attack on Rajiv Gandhi in Colombo and so on as a photographer, reporter and cameraman. He has witnessed natural calamities and insurgencies which he has penned in his book.

“We still see the world and India from a western correspondent’s view. I fail to understand why Indian media houses, which make huge profits, fail to depute correspondents in foreign countries and present news from an Indian perspective.

Kitaab is an initiative of Kolkata-based organization Prabha Khaitan Foundation which provides a forum for book launches by connecting intellectuals, book lovers and litterateurs with authors. Eminent authors like Shashi Tharoor, Vikram Sampath, Salman Khurshid, Kunal Basu, Vir Sanghvi, Vikas Jha, Luke Coutinho and others have earlier had book launching sessions at Kitaab.

ABHIK BHANU TABLES HIS FOURTH BOOK – HONCHO

ABHIK BHANU TABLES HIS FOURTH BOOK  – HONCHO

Dec 4, 2020

MUMBAI: Abhik Bhanu, an Indian journalist by profession has ventured into cinema as writer-director and producer. Apart from short films and making Hindi feature film like: Sab Kuch Hai Kuch Bhi Nahi”, “A Dark Rainbow” and “Gun Pe Done”, he has also authored books like: “A Dark Rainbow”, “Stool Pigeon” and “Blind Faith”. “Honcho” is his fourth novel and has few more thrilling books in the pipeline of releases. “Honcho” has been published by a reputed American publishing company and is being made available all across the globe.

Highlighting about his book, Abhik Bhanu says, “Honcho” is a fictional book and is based on the terrorist story on Kashmir. It talks about Kashmir’s story told Post 370. Has terrorism vanished and peace and tranquility healed wounds of people? Has Kashmiri Pandits returned to their homes? What is the reality of Kashmir? Or, after the revocation of Article 370 in J&K, a deadly game of supremacy began.”

Highlighting about this book, Abhik Bhanu further adds, “The book enlightens the passion of a filmmaker and it took me as long as 15-years to pen this book. It’s nice for a movie script too.”  He further reveals that Honcho has been published by PageTurner Press and Media LLC, a California (Chula Vista) based publishing company which also promises to make a Hollywood movie based on the book.

From the book: “Do you know who the Honchos of these politicians are? The arms manufacturing companies of the world… They decide who lives and who dies. They! They are so powerful that they can destroy the world in seconds; if they decide to do so together. These companies do not have any country or religion. They only know money and power. The politicians obey these Honchos. They have money, they control the state. They help political parties to create issues; so that countries fight and they can sell their arms…… Where would they sell their arms if people don’t fight…..? ………… They need fighters and issues so that they can continue the war. They know they can win their seats in Assembly and Parliament just by keeping these issues alive.”

The author has dedicated the book to all the global film community. Speaking about this book about the book Abhik Bhanu says, “The subject on Kashmir has been touched with wit, humour and satire. The novel offers guts and conviction and on the other hand portrays friendship and love in any situation. The book has grey characters which believe in rules can be broken as and when required, or rather manipulate it as and when needed.”

Prabha Khaitan Foundation unveils book Dear Mama by Mohini Kent – Cherie Blair launches book on collection of intimate letters to their mothers by eminent personalities

Prabha Khaitan Foundation unveils book Dear Mama by Mohini Kent – Cherie Blair launches book on collection of intimate letters to their mothers by eminent personalities

Nov 14, 2020

प्रभा खेतान फाउंडेशन के ऑनलाइन कार्यक्रम में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की पत्नी चेरी ब्लेयर ने मोहिनी केंट द्वारा लिखी पुस्तक “प्रिय मां” को किया लॉन्च

12 नवंबर, 2020, कोलकाता / लंदन: प्रभा खेतान फाउंडेशन, कोलकाता की तरफ से स्वाति अग्रवाल के तत्वाधान में आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में जीवन में स्नेहमयी माताओं के प्यार एवं योगदान पर लिखी पुस्तक “प्रिय मां” को ऑनलाइन लॉन्च किया गया। इस पुस्तक में आध्यात्मिक गुरुओं, ब्रिटिश हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्यों, राजनीतिक नेता, शाही परिवारों के सदस्य, अभिनेता, उद्यमी, पत्रकार, फोटोग्राफर और डॉक्टरों ने मां के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त किया है।

श्री सीमेंट द्वारा प्रस्तुत ऑनलाइन कार्यक्रम ‘किताब’ में ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर की पत्नी चेरी ब्लेयर, ब्रिटिश बैरिस्टर, लेखक और महिलाओं के अधिकार के लिए काम करनेवाली एक सामाजित कार्यकर्ता ने इस पुस्तक को औपचारिक रूप से ऑनलाइन लॉन्च किया।

इस मौके पर विश्वभर से सैकड़ों आमंत्रित विशिष्ठ लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरानचेरी ब्लेयर नेइस पुस्तक की लेखिका और लिली अगेंस्ट नामक एक धर्मार्थ संगठन जो मानव और बाल तस्करी के रुप में व्यापार के खिलाफ काम करता है, इसकी संस्थापक चेयरपर्सन मोहिनी केंट के साथ घंटों अपने विचारों का आदान-प्रदान किया।

इस पुस्तक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना संदेश लिखा। इसके अलावा तिब्बती धर्मगुरू महामहिम दलाई लामा, चेरी ब्लेयर, सर क्लिफ रिचर्ड, जीपी हिंदुजा, श्री एम, किरण मजूमदार शॉ, अरशद वारसी, डॉ. करण सिंह, सर मार्क टली, शर्मिला टैगोर, राकेश ओमप्रकाश मेहरा, संदीप भूतोरिया, लॉर्ड पारेख, केपी सिंह और अन्य प्रतिष्ठित इन हस्तियों के साथ-साथ आम नागरिकों ने अपनी माताओं को समर्पित पत्र लिखकर इस पुस्तक मां के योगदान को व्यक्त किया है, इसके साथ इस पुस्तक के लिए विशेष रूप से मोहिनी केंट की व्यक्तिगत सराहना की है।

‘प्रभा खेतान फाउंडेशन के ट्रस्टी संदीप भूतोरिया ने कहा: हमारी इस संस्था द्वारा ‘प्रिय मां’ पुस्तक के अनावरण की मेजबानी करना हमारे लिए एक बड़ा सम्मान है, जो अपनीमांके लिए भेजे गये पत्रों का एक शानदार संग्रह है। यह पुस्तक अपनी मां के प्रति प्यार, भावना, करुणा और प्रेरणा की गहरी भावनाओं को उजागर करता है। लंदन में एक कार्यक्रम में मार्च 2020 महीने में ही इसे औपचारिक तौर पर लॉन्च करने की बात थी, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। इस पुस्तक के लिए मेरी स्वर्गीय मां को पत्र लिखना मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर बहुत ही मार्मिक अनुभव था।

मां बच्चों की पहली गुरु और मार्गदर्शक होती है। महात्मा गांधी, आइंस्टीन, अब्राहम लिंकन, बुद्ध और अन्य पर अपनी माताओं का कर्ज है। यहां तक कि एचआरएच प्रिंस चार्ल्स ने भी महारानी को उनके मैस्टीज डायमंड जयंती समारोह में उन्होंने ‘मम्मी’कहकर संबोधित किया। इनके बीचइस पुस्तक में मौजूद कुछ बेटियों के पत्र में माताओं द्वारा उन्हें धोखा देने का दर्द छिपा है। कुछ माताओंने अपनी बेटियों को दास के रूप में बेच दिया, इस पुस्तक में उन लड़कियों द्वारा भेजे गये पत्र में दिल टूटने, मन में हुए गहरे जख्म, हानि और विश्वासघात का दर्द बेटियों ने बयां किया है।

मोहिनी केंट ने अपनी चैरिटी संस्था, लिली अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग की सहायता के लिए यह पुस्तक लिखी है। यह पुस्तक फ्लिपकार्ट और अमेज़न इंडिया पर ऑनलाइन उपलब्ध है और इससे होनेवाली आमदनी का पूरा हिस्सा मानव तस्करी के खिलाफ काम कर रही इस संस्था को दिया जायेगा।

चेरी ब्लेयर एक मानवाधिकार वकील, एशियन यूनिवर्सिटी फॉर वुमेन की चांसलर हैं। इसके अलावा वह लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स की गवर्नर और ओमनिया रणनीति एलएलपी की एक संस्थापक सदस्य भी रह चुकी हैं, जो महिलाओं की संस्था चेरी ब्लेयर फाउंडेशन द्वारा विकासशील देशों में महिला उद्यमियों का समर्थन करती है।

लेडी मोहिनी केंट नून एक मशहूर लेखक, फिल्म निर्माता, चैरिटी कार्यकर्ता और पत्रकार हैं। वह लिली अगेंस्ट ह्यूमन ट्रैफिकिंग की फाउंडर चेयरपर्सन हैं, और अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के ब्रिटेन में वैश्विक दूत है। वह कई पुस्तकों की लेखक हैं, जिनमें ब्लैक ताज, एक उपन्यास और नागार्जुन: द सेकेंड बुद्धा शामिल हैं। उन्होंने फीचर फिल्मों, वृत्तचित्रों को लिखा और निर्देशित किया है, और सर बेन किंग्सले के साथ काम किया है। उनके मंच नाटकों में रूमी: द अनविल द सन शामिल हैं। वह यूके में आध्यात्मिक शिक्षण पर्यटन कार्यक्रम का भी आयोजित करती है।

पुस्तक प्रिय मां के कुछ चुनिंदे अंश :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: “मां प्रेरणा का सदा-समृद्ध वसंत है और सभी चुनौतियों को पार करने की हमारी ताकत है।”

एचएच दलाई लामा: “मेरी मां मेरी करुणा की पहली शिक्षिका थीं। अपनी माताओं से स्नेह प्राप्त करनेवाले बच्चे ही अपने वयस्क जीवन में बहुत अधिक आंतरिक शांति रखते हैं।”

चेरी ब्लेयर: “वकालत के बाद जब मुझे 1976 में बार संगठन में बुलाया गया, तो आप मेरी उपलब्धि का हिस्सा बनने वाले एकमात्र माता-पिता थे। मैं चाहतीथी कि मेरी इस उपलब्धि को आप स्वीकार करें।”

सर क्लिफ रिचर्ड: “मृत्यु कभी उचित नहीं होती। आपने हमें जीवन दिया, मुझे, डोना, जैकी और फिर जोन को आपके लिए जिंदगी नसीब हुई, लेकिन मौत ने आपको हमसे दूर कर दिया हालांकि वह हमारे मन में कैद आपकी यादों को हमसे नहीं छीन सका।”

जीपी हिंदुजा: “यह कहा जाता है कि भगवान ने माताओं को बनाया क्योंकि वह हर जगह नहीं हो सकते थे।”

शर्मिला टैगोर: “मौत तुम्हें हमसे दूर ले गई। इसके पहले मैं आपको कभी नहीं बता सकी कि मैंने चुटकुलों के जरिये आपकी पाक कला और आपकी प्रतिभा की कितनी सराहना की।”

योगी श्री एम: “मैं मेरी माँ से क्षमा मांगता हूं जब उसका प्यारा बेटा हिमालय भाग गया। जब वर्षों बाद जब मैं एक योगी बनकर वापस आया, तो मेरी मां ने मेरा स्वागत किया। केवल एक मां ही ऐसा कर सकती है।

‘प्रिय मां’ पुस्तक की बिक्री से होनेवाली आमदनी बालिकाओं की मदद के लिए खर्च की जाएगी।”

Bollywood Lyricist Meenu Singh Celebrates Her 25 Years In Bollywood

Bollywood Lyricist Meenu Singh Celebrates  Her 25 Years In Bollywood

Oct 16, 2020

Lyricist Meenu Singh is celebrating her 25 years in bollywood this year. She has the distinction of working with popular Singers,  Music Directors & Producer –  Directors  viz Mahinder Kapoor, Bhappi Lehri,  DAVID DHAWAN, ANU MALIK, DALER MEHNDI, MIKA, BALI BRUMBHAT, SHAAN, SHEREYA GOSHAL, SONU NIGAM, VINOD RATHOD, UDIT NARAYAN  and the list goes on.

Presently, Meenu is writing for Bappi Lahiri’s compositions. She has even penned the lyrics of Asha Bhosle’s forth-coming album. Poetry has always been her passion, says Meenu. She was born and brought up in Jalandhar but the passion became a profession when she moved to Mumbai. “My husband has been a great support”. But my inspiration has been Anand Bakshi. His songs are cherished.

Bollywood lyricist Meenu Singh, is now toning up for the Mrs India beauty contest for which she has prepared herself. She  will be walking on the ramp. It was only last year while watching the contest that the idea of participation  struck Meenu. “I have hired a personal trainer and have lost nearly 8 kg in four months,” she says.

      

Meenu’s journey as a lyricist began in 1996. “I met singer-composer Bali Brahmbhatt and he liked my collection of songs and I got my first break. His song Kook Kook Kooky, which I penned became a big hit.” After that there was no looking back, she says. “I worked with Bappi Lahiri, Daler Mehandi, Mika, Mahender Kapoor, Labh Janjua and others.” She has written the lyrics for the movies Chor Machaye Shor; String and Topless.

“Till date, I have penned lyrics for over 60 songs”. “Old is gold. The magic of old songs created can be recreated even today,” believes Meenu. Now is modeling time for Meenu. “I have already been selected among the top 50 contestants and I’m confident that I shall also be short-listed among the top 25,” she says.

Soni Jha Got Recognition From Unique Poetry Writing

Soni Jha Got Recognition From Unique Poetry Writing

Jun 3, 2020

अनोखे काव्य लेखन से मिली पहचान – सोनी झा

प्रेरणा और अलग नजरिया जिसमें होता है। वह अपने कविता के जरिए लोगों में एक बेहतर अनुभूति कराता है। अपने काव्य से लोगों में एक उमंग जगाता है। शब्दों की सजावट और शब्दों के साथ उसका सही वर्णन जो कोई करता है उसे ही एक काव्य कलाकार कहते हैं। यह कलाकार हमें निसर्ग एवं समाज से जोड़ें रखते हैं।

ऐसी ही एक कलाकार के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जो अपने काव्य से लोगों का मन लुभा रही है। सोनी झा, जो कि झारखंड के जमशेदपुर शहर से हैं उनके पिता पुलिस में देश की सेवा कर रहे हैं और माताजी ग्रहणी है, सोनी झा अपने बाल रूप से ही लोगों और लोगों के मन के साथ जोड़ी है। शायद यही कारण है कि वह इतनी बेहतरीन कविताएं लिखती है, जो लोगों के मन को लुभा जाती है और लोगों को सोचने पर विवश कर देती है।

वह एक तरह से शब्दों को पीरों कर और शब्दों की नक्काशी कर उसे एक काव्य रूप देती है जिसे लोग पढ़े बिना रह नहीं पाते और उसमें ही लीन रह जाते हैं। उनका कहना है कि कविताएं लिखने से पहले कल्पना और अद्भुत विचारों का मिश्रण होना बहुत ही जरूरी है जिससे वह कविताएं और भी खूबसूरत हो जाती है।

उनका यह भी मानना है कि आजकल लोगों में प्रेरणा की कमी हो गई है। लोग अपने और अपने प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं। वह चाहती है कि उनकी कविताएं लोगों को प्रेरणा दें। उनकी यही महान सोच उन्हें एक बेहतरीन कवियत्री बनाती है। उनकी कविताओं में इस तरह की सभी खूबियां हैं जो एक इंसान को बदलने के लिए काफी है। 

बंजारो की ज़िन्दगी

बंजारो सी लगती है अब ये ज़िन्दगी…

रेगिस्तान की रेतों की तरह…

हाथों से फिसलती ये ज़िन्दगी…

ना जाने किस मोड़ पर आकर रूकेगी…

ख्वाहिशों के मौसम में…

बदलाव की बयार ना जाने…

किस आंगन में जाकर खत्म होगी।

हारते हुए इंसान को…

इश्क़ की तन्हाइयों ने ज़ख़्म काफी गहरा दिया है वक़्त की अदालत ने…

सबका चेहरा बेनकाब किया…

किसी ने आकर मेरे ज़ख़्म सिले नहीं…

उस गहरे ज़ख़्म पर…

मरहम भी खुद से लगाई हूं जो मेरे अपनों की खंजर से मिली है।

बार बार उठने की कोशिश भी….

नाकाम सी लगने लगी है ,हर दफा…

रिश्तों की किश्त ढोते ढोते…

ज़िन्दगी उलझ सी गई है ।अपनी उलझन को…

सुलझा सुलझा कर…

अब थक सी गई हूं।

आंखों में नमी…

अब बचा नहीं, किसी और से अब दिल लगा नहीं…

किसी के इंतजार में…

पत्थर दिल सी हो गई हूं…

ख्वाब टूटकर बिखर गए…

मगर किस्मत से हार नहीं मानी हूं। तन्हाइयों का साथ देते देते…

खुद को कही भूल बैठी हूं…

खुशियों की दस्तक से…

इक अनकही सी फासला बना बैठी हूं …

अब खुद को सौप देना चाहती हूं…

उन खामोशियों को…

जिसके बाद कोई कीमत ना चुकानी पड़ी…

किसी को आवाज़ लगाने की।

अब बस थक कर सो जाना चाहती हूं…

तुम्हारी बाहों में सुकून मिले ऐसी ख्वाइश से खुद को सौप देना चाहती हूं…

उन आसमानों के बाहों में…

जहां से सब कुछ धुंधला सा लगे…

जहां मुझे कोई ढूंढ़ ना सके।

बस बहुत जी ली…

ये खोखली सी ज़िन्दगी…

अब हार जाना चाहती हूं…

खुद की ख्वाहिशों भरी उम्मीदों से…

धड़कन को बंद कर ,अपनी सांसों को मिला देना चाहती हूं…

आसमानों के खुली फिज़ाओं में, सोचती हूं …

एक बार ही सही अपने ख्वाब को मुकम्मल कर लूं…

अपनी होंठों की मुस्कान को…

फिर से वापिस ले आऊ…

छोड़ जाऊ जमाने के  इन रीति रिवाजों को…

और जी लू अपने अल्हड़पन को…

बेझिझक सी, बेपरवाह सी, बेधड़क सी, बेख़ौफ़ सी ।।

 

खुशियों की तलाश

ना ही तुम हमें किसी बंधन में बांध पाए ,

ना ही चाहत के सिलसिले में मेरा हाथ थाम पाए।

ख्वाहिशों के मौसम में तुम भी कुछ बदल से गए,

मेरे जज्बातों की आंधी में तुम भी थोड़ा बहक से गए ।

तुम्हें सोच के ख़ुद के ख्वाबों से हम रिश्ता निभा नहीं पाए,

तेरे लिए हम सब कुछ पाकर भी खुद से ही हार गए।

हर दफा ,गलत इंसान से इश्क़ करने की गुस्ताखी करते गए ,

मगर ये कम्बक्त दिल भी सबको माफ करके ,दिल के टुकड़ों को खुद से ही जोड़ते गए।

कभी वो मिला ही नहीं, जिनकी मोहब्बत मिलने से छणिक भर भी दिल को सुकून मिले।

जो भी मिले रास्ते में ,बस मेरे टूटे हुए दिल को जोड़कर ,फिर से तोड़ते गए।

हम मोहब्बत की हर तकलीफ को ,दिल के किसी कोने में दफन करते गए।

बार बार टूटकर बिखरने के बावजूद भी किसी और के लिए खुद की ज़िन्दगी को तबाह करते गए।

एक टूटे हुए दर्पण की तरह, अपने दिल के भी टुकड़े टुकड़े करते गए।

हर दफा ना चाहते हुए भी झूठी तसल्ली देकर दिल को दिलासा दिलाते गए।

हर तकलीफों को किनारे रखकर, सुकुन की तलाश में ज़िन्दगी को जिते चले गए।

दिल्लगी ना करने की कोशिश में तुझसे दूर होते गए ,

फिर भी, ना जाने क्यूं , तुझे देखकर ये ख्याल हमेशा बदलते गए।

झूठ और फरेब से भरे इश्क़ की इन गलियों में ,दिल अपना लुटाते गए

मोहब्बत और किस्मत के खेल में जीत हासिल करने की बजाय खुद के दिल को हारते गए।

भला किस्मत से इश्क़ कब जीत पाया है -२

ये जानकर दिल को समझाते गए और इश्क़ की दुनिया में खुद की खुशियां तलाशते गए।

इश्क़ की दुनिया में खुद की खुशियां तलाशते गए ।।

Interview Of Manjusha Ranjan Book Author Of Khila Kamal Pursharth Desh Ka

हिन्दि की महान साहित्यकार एवमं कवित्री मंजुषा रंजन, की लिखी किताब खिला कमल पुरसार्थ देश का,महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ गोंविद के कर कमलों द्वारा विमोचन किया गया,मंजुषा रंजन ने हिन्दी कविता की अस्मर्णी सेवा की है, और अपने कलम से नये युग का अविष्कार किआ है,जन जन में देश भक्ति की चेतना जगाई,आपको बता दे की मंजुषा रंजन का रविवार दिनांक 8 दिसंबर को मुम्बई में हुआ भव्य स्वागत,बॉलीवुड और राजनीतिक छेत्र के तमाम हस्तियों से हुई मुलाकात,कई संस्थाओं द्वारा सम्मान,हाल ही में मोरिसस में 200 से ज्यादा देश के कवि वहा आये थे, जहाँ उन्होंने देश का गौरव बढ़ाया, गौरतलब हो कि खिला कमल पुरसार्थ देश का इन्होंने खुद लिखा है,

हर ज्वलनशील मुद्दों पर बड़े ही बेबाकी से अपनी राय रखती है,चाहे वो ट्रिपल तलाक का मुद्दा हो,चाहे राम मंदिर का मुद्दा,चाहे नमामि गंगे हो,या फिर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ,हाल ही हैदराबाद वाले कांड पर भी खुल कर अपनी राय रखी,और उन्होंने क्या क्या कुछ कह देखिए पूरी रिपोर्ट