Aug 19, 2026
मथुरा। आयुर्वेद में कई गंभीर और लंबे समय से चली आ रही बीमारियों के उपचार की संभावनाएं मौजूद हैं। यह दावा आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. शेख ने भारत पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान किया। उन्होंने कैंसर, डायबिटीज, थायराइड, टीबी, अस्थमा सहित महिला एवं पुरुषों की यौन स्वास्थ्य समस्याओं में आयुर्वेदिक उपचार के उपयोग पर अपनी बात रखी।
डॉ. शेख ने बताया कि उनका परिवार करीब 120 से 130 वर्षों से आयुर्वेद के क्षेत्र से जुड़ा है। उनके मुताबिक उनकी सहारा फार्मेसी जीएमपी और आईएसओ प्रमाणित है तथा देश-विदेश में करीब 40 क्लीनिक संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद जैसी पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को और अधिक महत्व दिए जाने की जरूरत है।
डायबिटीज पर चर्चा करते हुए उन्होंने खान-पान और जीवनशैली में सुधार पर जोर दिया तथा मेथी, करेला और विजयसार जैसे पारंपरिक उपायों का उल्लेख किया। उनका कहना है कि नियमित दिनचर्या और सही खान-पान कई जीवनशैली संबंधी समस्याओं के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पॉडकास्ट में टीबी और अस्थमा पर भी चर्चा हुई। डॉ. शेख ने इन बीमारियों के लिए आयुर्वेद में उपलब्ध पारंपरिक उपचारों और अपने अनुभवों का जिक्र किया। हालांकि टीबी जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी में प्रमाणित चिकित्सा और डॉक्टर की निगरानी बेहद जरूरी है तथा निर्धारित दवाएं स्वयं बंद नहीं करनी चाहिए।
महिला एवं पुरुषों की यौन स्वास्थ्य समस्याओं पर भी डॉ. शेख ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने लिकोरिया, अनियमित मासिक धर्म, स्वप्नदोष, स्तंभन दोष और शीघ्रपतन जैसी समस्याओं में सही चिकित्सकीय सलाह लेने पर जोर दिया। साथ ही बिना डॉक्टर की सलाह के यौन क्षमता बढ़ाने वाली दवाओं के इस्तेमाल से बचने की बात कही।
डॉ. शेख ने चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ते व्यावसायीकरण और अनावश्यक जांचों को लेकर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि चिकित्सा का पहला उद्देश्य मरीज को उचित और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना होना चाहिए। उन्होंने बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर भी अभिभावकों को ध्यान देने और उनसे खुलकर संवाद करने की सलाह दी।
डॉ. शेख ने आयुर्वेद को भारतीय चिकित्सा की प्राचीन और महत्वपूर्ण विरासत बताते हुए कहा कि इस पर आधुनिक स्तर पर और अधिक शोध एवं जागरूकता की आवश्यकता है। भारत पॉडकास्ट में हुई इस बातचीत के दौरान आयुर्वेद, आधुनिक जीवनशैली, खान-पान और स्वास्थ्य से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
हालांकि कैंसर, टीबी, डायबिटीज और अन्य गंभीर बीमारियों में किसी भी वैकल्पिक उपचार को अपनाने या चल रही दवाओं को बंद करने से पहले योग्य चिकित्सक की सलाह लेना जरूरी है।


आयुर्वेद से असाध्य रोगों का इलाज संभव है – भारत पॉडकास्ट पर बोले डॉ. शेख